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Sunday, December 08, 2013

कमी न थी

यूँ तो आगे बढ़ते रहे
पर राहों की कोई कमी न थी। 
साजिश करते तूफानों की 
अभी रफ़्तार थमी न थी। 
गिरते भी रहे पर न थमे 
ये कदम कभी जो न जमे। 
न रुके कभी। 
चलते रहे। 
तपती धूपों में 
ढलते रहे। 
मेरे ज़ख्मों पे लहू भी थे 
और आँखों में नमी भी थी। 
पर जो आगे लेकर चलें 
उन मुस्कुराहटों की कमी न थी। 

फ़िर हुआ सामना सच से कि 
ख़ुद राह भी अपनी चुननी है। 
मैं लाख़ करूं फ़रियाद वफ़ा की 
न किसी को मेरी सुननी है। 
जो रोक सकें मुझको अक्सर 
ऐसे अब मोड़ मिलेंगे यहाँ। 
कि थाम सकें वो कदम मेरे 
ऐसी ही जाल उन्हें बुननी हैं। 

संग चलते क़दमों की अक्सर 
आहटों की कमी भी थी। 
पर कुछ दुआओं में लिपटी 
उन राहतों की कमी न थी। 

Thursday, October 24, 2013

कुछ दूर अभी चलना है मुझे

जब भी ये कदम बढ़ते हैं मेरे
ये वक़्त भी आगे बढ़ता है
जो था सोया सा एक सूरज
फिर आसमान में चढ़ता है
बरसात की जो कुछ बूँदें है
और चकाचौंध  जो किरणे हैं
ये मुझे अब कहती हैं

कि 
कुछ दूर अभी चलना है मुझे  
कुछ दूर अभी चलना है मुझे 

जिस रस्ते पे  चलना था मुझे 
उसके थे निशां मिटे हुए 
जो मंज़िल करनी थी हासिल 
उसके थे लाखों राही दिखे 
अपनी राहें फिर बना लिया 
और चुना एक नया सा कारवां 
पर सही राह तय करने को 

कुछ दूर अभी चलना है मुझे  
कुछ दूर अभी चलना है मुझे 


मैं खड़ा हूँ अब उस मोड़ पे कि 
मेरी हर शक्ति ख़तम हुयी 
पर मुझको इस दूरी से 
दिखती नज़दीक वो मंजिल है 
पर उस तक चलने के लिए 
ताकि उसका दर चूम सकूँ 

कुछ दूर अभी चलना है मुझे  
कुछ दूर अभी चलना है मुझे

Sunday, September 22, 2013

ठहराव के आगे

क्यों मैं सोचूं कि अब मेरी 
पहचान ख़तम होती है दिखी 
क्यों मैं सोचूं कि दुनिया ने 
है मेरी भी तकदीर लिखी 
इस अन्धकार सी  नगरी में 
क्यों ये कदम न टिकते हैं 
जिनसे दिखी थी राहें मुझे 
क्यों वो चिराग न दीखते हैं 

न पता कि अब इस राह  को भी
फिर कौन सी करवट लेनी है 
न पता कि उगते सूरज को 
फिर कब दस्तक देनी है 

ये किस जहां में पहुंचा हूँ 
ये सोच के हूँ हैरान सदा 
देख के नाकामी सूरत 
किस सोच में है फिर सारा जहां 

किस से पूछूं कि अब मुझको 
आगे किस और को जाना है 
जिसने मुझे फिर यहाँ रोका है 
नाकामी का ही वो बहाना है

जो मिले अब रौशन कारवाँ 
एक नयी सुबह को चाहूँगा 
आगे बढ़ने की जो सोची तो
अपनी हर मंज़िल पाऊंगा 
जिस और है जाना तय किया 
उस ओर ही अब मैं जाऊँगा